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Business News: बैंक की देरी पर मिल सकता है मुआवजा, कुछ मामलों में ₹5,000 प्रतिदिन तक का प्रावधान

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | बैंक की देरी, फेल ऑनलाइन पेमेंट, गलत क्रेडिट रिपोर्ट और लोन के कागजात लौटाने में देरी पर RBI के मुआवजा नियम जानें।

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026 | Alam Ki Khabar। बैंक से जुड़ी शिकायत का समाधान तय समय पर नहीं होने से परेशान ग्राहकों को कुछ परिस्थितियों में मुआवजा मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पेमेंट में देरी, क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी, क्रेडिट कार्ड बंद करने और लोन चुकाने के बाद संपत्ति के मूल दस्तावेज लौटाने जैसे मामलों के लिए अलग-अलग प्रावधान तय किए हैं। कुछ पात्र मामलों में मुआवजा ₹5,000 प्रतिदिन तक हो सकता है, लेकिन यह हर शिकायत पर लागू नहीं होता।


ऑनलाइन पेमेंट फेल होने पर ₹100 प्रतिदिन


यदि खाते से पैसे कट गए हैं, लेकिन सामने वाले व्यक्ति या दुकानदार को रकम नहीं मिली, तो ट्रांजैक्शन के प्रकार के अनुसार बैंक को निर्धारित समय में पैसा वापस करना होता है। तय समय में रकम वापस नहीं होने पर कुछ पात्र मामलों में ग्राहक को ₹100 प्रतिदिन मुआवजा मिल सकता है। इसकी पात्रता UPI, IMPS या अन्य भुगतान माध्यम और उस पर लागू RBI नियमों के अनुसार तय होती है।


क्रेडिट रिपोर्ट में गलती पर भी मुआवजा


क्रेडिट रिपोर्ट में गलत जानकारी दर्ज होने पर ग्राहक संबंधित बैंक या क्रेडिट सूचना कंपनी के पास शिकायत कर सकता है। RBI के लागू नियमों के तहत पात्र शिकायत का 30 कैलेंडर दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर ₹100 प्रतिदिन मुआवजे का प्रावधान हो सकता है। इसके लिए शिकायत की तारीख, शिकायत संख्या और संबंधित दस्तावेज संभालकर रखना जरूरी है।


क्रेडिट कार्ड बंद करने में देरी पर ₹500 प्रतिदिन


यदि ग्राहक ने क्रेडिट कार्ड बंद करने का अनुरोध किया है और सभी बकाया तथा जरूरी शर्तें पूरी हैं, तो कार्ड जारी करने वाली संस्था को सामान्यतः सात कार्यदिवस के भीतर कार्ड बंद करना होता है। तय अवधि में कार्ड बंद नहीं होने पर लागू नियमों के तहत ₹500 प्रति कैलेंडर दिन मुआवजा देय हो सकता है। ग्राहक को अपने अनुरोध का प्रमाण सुरक्षित रखना चाहिए।


लोन चुकाने के बाद दस्तावेज लौटाने में देरी पर ₹5,000 प्रतिदिन


होम लोन या अन्य संबंधित कर्ज का पूरा भुगतान करने के बाद बैंक को संपत्ति के मूल दस्तावेज लौटाने और लागू प्रक्रिया के अनुसार संबंधित शुल्क हटाने की कार्रवाई करनी होती है। बैंक की वजह से निर्धारित समय के बाद दस्तावेज लौटाने में देरी होने पर पात्र मामलों में ₹5,000 प्रतिदिन मुआवजे का प्रावधान है। दस्तावेज खो जाने पर बैंक को उन्हें खोजने या उनकी प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने में सहायता करनी होती है।


बैंक लॉकर में सामान के नुकसान पर क्या है नियम?


यदि बैंक की लापरवाही या सुरक्षा व्यवस्था में कमी के कारण लॉकर में रखे सामान की चोरी या नुकसान होता है, तो संबंधित नियमों के तहत बैंक की जिम्मेदारी बन सकती है। निर्धारित परिस्थितियों में मुआवजा सालाना लॉकर किराये के 100 गुना तक हो सकता है। हालांकि, हर नुकसान पर अपने आप मुआवजा नहीं मिलता; मामले की परिस्थितियों और बैंक की जिम्मेदारी के आधार पर दावा तय होता है।


मुआवजे के लिए ग्राहक क्या करें?


ग्राहक सबसे पहले संबंधित बैंक या संस्था में लिखित शिकायत दर्ज करें। शिकायत संख्या, ईमेल, बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन विवरण और अन्य जरूरी प्रमाण सुरक्षित रखें। यदि शिकायत का निर्धारित समय में समाधान नहीं होता, तो लागू प्रक्रिया के अनुसार RBI के शिकायत निवारण तंत्र का सहारा लिया जा सकता है। मुआवजे का दावा करने से पहले अपने मामले पर लागू नियमों और पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है।

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